Picture Credit “”Babli Mishra

नाभिषेको न संस्कारः सिंहस्य क्रियते वने। विक्रमार्जितसत्वस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता॥

Nobody declares a lion as the king of forest by doing rituals. By sheer might of his own, a lion achieves the status of lord of animal kingdom.

शेर का कोई मालिक नहीं होता वो खुद ही अपना मालिक है ।

शेर एक योद्धा की तरह जीता है जब तक जीता है अपने उसूलों पे जीता है अपने दम पर जीता है ।

शेर अगर किस भी परिस्थितियों से परेशान है तो वो मिमियाता नहीं बल्कि शेर दहाड़ कर लड़ता है, ज्यादातर परेशानियां तो उसकी दहाड़ सुनकर ही भाग जाती है ।

शेर अपने शिकार का सपनों की तरह पीछा करता है, उसके लिए लड़ता है और अपनी मंजिल खुद तय करता है इसलिए वो राजा है जंगल का और अपने दिल का भी ।

हिम्मत, ताक़त, नेतृत्व, और बहादुरी ये शेर होने के ४ मुख्य गन हैं

भेड़ बकरियां सर झुकाये चरवाहे के पीछे चलती रहती हैं झुंड में उन्हें पता भी नहीं होता की वो जा कहाँ रही हैं, हजारों बार उन्हें काटने के लिए ले जाया जाता है लेकिन वो चलती रहती हैं, वो चलती रहती हैं क्यूंकि वो नहीं जानती की नेतृत्व किसे कहते हैं

जबकि शेक वो राज करता है, वो जानता है की यहाँ हिम्मत चाहिए डटकर खड़े रहने के लिए और अपनी ज़िंदगी की जंग जीतने के लिए

ताक़त चाहिए अपनी मनचाही मंजिल को पाने के लिए, और अगर दूसरे साथ छोड़ भी जाएँ तो अपने कदम जमाये रखने के लिए

ये सिर्फ तुम ही हो जो अपने लिए सही और गलत की पहचान सकते हो

सिर्फ तुम ही हो जो जानते हो कौनसा रास्ता चुनना है, तुम ही हो जो अपनी ताक़त को पहचानते हो । और तुम्हारी ताक़त २ चीजें है एक तुम्हारा दिल और दुसरा और सबसे जरुरी तुम्हारा नजरिया

नजरिया वो है जैसा आप खुद को देखते हो, खुद अपने बारे में सोचते हो, जो तुम करते हो और जो तुम अपने आप में महसूस करते हो वैसे ही तुम बन जाते हो, और तुम्हारा ये नजरिया ही सब कुछ है

पता है क्यों ?

क्यूंकि जब भी आप अपनी ज़िंदगी में जीतते हैं या हारते हैं उसकी वजह आपका वो नजरिया है जो आपने उस वक़्त रखा होगा |

इस बात को अच्छी तरह समझ लीजिये हर सफल व्यक्ति अपनी ज़िंदगी में कई मुश्किलों और बाधाओं को पार करता है वो १ या २ बार नहीं हर उस काम में १०० बार असफल होता है जिसे वो शुरू करता है पर १०० बार की असफलता के बाद भी उसका नजरिया उस १०१ बार में किये जाने वाले प्रयास पर रहता है जिसमे उसका खुद को लेकर विश्वास और कहीं अधिक होता है

सफल व्यक्तियों और शेरो में एक और गुण सामान होता है वो है उनकी और पाने की इच्छा, एक सफल व्यक्ति कभी भी अपनी कुछ सफलताओं के मिलने के बाद विश्राम नहीं करता है वो फिर किसी नए सफर पर निकल जाता है एक नयी मजिल की तलाश में, एक सफल व्यक्ति जितनी जल्दी अपनी सफलताओं को भूलता है वो उतनी ही जल्दी अपने असफलताओं को भी भूलता है और एक नए सिरे से एक बिलकुल नए तरीके से फिर से प्रयास करने में लग जाता है

और इन सभी सफल व्यक्तिओं के पीछे सिर्फ और सिर्फ उनका नजरिया है वो नजरिया जिसने उन्हें आगे बढ़ते रहने में मदद की वो नजरिया उन्हें सहारा देता रहा जब भी वो गिरने लगे । और यही है एक शेर जैसे जीने का नजरिया ।

असल में शेर भूखे होते हैं, वो भूखे होते हैं जब भी उनके सामने कोई लक्ष्य होता है । वो खुद को बताना चाहते हैं की वो असल में क्या हैं । वो इज्जत मांगना नहीं, इज्जत करवाना जानते हैं, वो जानते है की उन्हें क्या करना है और कैसे करना है । उनका नजरिया जो उनको हर समय इसी बात को कहता है की शिकार पर सिर्फ मेरा हक़ है और में इसके लिए लड़ता रहूंगा जब तक में इस पर अपनी विजय सुनिश्चित ना कर लूँ, कोई और दुसरा जानवर उससे उसका शिकार छीन  नहीं सकता

इसलिए वो राजा होते हैं सारे जंगल के राजा । शेर को जंगल का राजा किसी ने नियुक्त नहीं किया है ना ही जंगल में कभी राज्य अभिषेक होने की प्रथा रही है जहाँ शेर को राजा नियुक्त किया गया हो । शेर ने साहस, हिम्मत, ताक़त, नेतृत्व और अपने नजरिये के साथ ये मुकाम हासिल किया है । आपके अंदर भी ये सारे गुण विध्यमान है तो बन जाओ आज आप सब उस शेर की तरह और यह साबित कर दो की तुम भी एक राजा हो । सिर्फ अपने दिल की सुनो क्यूंकि सिर्फ तुम्हारा दिल ही है जो तुम्हारे लिए सही रास्ते की पहचान कर सकता है ।

Author – Rudra
Emall – rudra@imrudra.com
Web – www.imrudra.com


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