अपनी प्रतिभा पर संदेह करना बंद करो, कड़ी मेहनत करो, और इसे साकार करो।

जीवन की परिस्थितियों पर रोने का कोई फायदा नहीं होता। हमें छलांग लगानी होती है। हमारी हार तब तक हार नहीं है जब तक हम यह तय नहीं कर लेते कि हम हार गए हैं।” हमारी हार हमारे द्वारा निर्मित होती है. यह किसी और के द्वारा नहीं होता। क्योंकि हमारे हारने के कारण तय हैं। जैसे जब हम ये मान लेते हैं कि यह कार्य मुझसे सम्भव नहीं है। या फिर हम मान लेते हैं कि हमारा प्रतिद्वन्द्वी हमसे ज्यादा ताकतवर है। या फिर हमें अपने किए हुए परिश्रम पर यकीन नहीं होता है। यानी हमें खुद में यह एहसास होता है कि मैंने इतनी तैयारी नहीं की, कि मैं अपना बेहतरीन प्रदर्शन कर सकूं। कभी-कभी हमें प्रतिद्वन्द्वी के confidence को देखकर भी खुद की तैयारी पर संदेह होने लगता है। पैसा कला का अनुसरण करता है। पैसा वही चाहता है जो वह नहीं खरीद सकता। वर्ग और प्रतिभा। और याद रखें कि जब पैसा कमाने की प्रतिभा होती है, तो उसे खर्च करने का तरीका जानने के लिए वास्तविक प्रतिभा की आवश्यकता होती है।

आपका रवैया तय करता है कि आप इसे कितनी अच्छी तरह करते हैं।

मेरे पास एक दिन एक व्यक्ति आया और उसने मुझसे कहा कि मुझे लगता है कि अब मैं यह काम नहीं कर सकता हूँ. किसी समय के एक सफल व्यवसायी से ऐसी बात सुनने की मैंने कल्पना नहीं की थी. उसके चेहरे का रंग उड़ा हुआ था और ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उसके सर पर काफी बोझ रख दिया हो. मैं पहले भी कई बार उनसे मिल चुका था इसलिए मुझे उस व्यक्ति के बारे में जानकारी थी. मैंने हमेशा उन्हें confident और मुस्कराते हुए देखा था.

आपकी प्रेरणा निर्धारित करती है कि आप कितना कुछ करने को तैयार हैं।

मैंने उन्हें बैठने का आग्रह करते हुए पूछा क्या लेंगे आप. एक गहरी साँस छोड़ते हुए उन्होंने कहा चाय पी लूँगा. कहीं ना कहीं मैं उनके चेहरे का भाव पढ़ने की कोशिश कर रहा था. आखों में पहले जैसी चमक नहीं थी. अंदर से उनका मन काफी व्यथित था. थोड़ी देर की बातचीत के बाद मैंने उनसे कहा.

मुझे नहीं पता, आप अब भी क्यों सोचते हो कि आपको किसी की मदद की ज़रूरत है। मेरे पास ज्यादा शब्द नहीं हैं। लेकिन मैं आपको बता दूं कि इस दुनिया में सब कुछ आपके विचारों पर निर्भर करता है। इसलिए हमेशा इस बारे में सोचें कि आप कौन हैं क्योंकि यह आपको वह बनने में मदद करेगा जो आप बनना चाहते हैं। आज तक जो कुछ भी आपके पास है वह आपने खुद बनाया. और तब बनाया जब आपको इस शहर में इतने लोग नहीं जानते थे. ना आपको इतना अनुभव था. कुछ नहीं होते हुए भी आपने वो सब किया जो शायद बहुत लोगों के लिए एक सपना होगा. और बहुत से लोगों के लिए मुश्किल. लेकिन तब जब आपके पास ना ही लोग थे, ना ही आपको जानने वाले इतने लोग थे. आपको इतने कामों का अनुभव भी नहीं था आपने सबकुछ किया और यहां तक पहुंचे. तो आप यह जान लीजिए कि आप आज भी ऐसा कर सकते हैं. लेकिन उसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप खुद पर विश्वास करें. और आप ये समझे कि आपकी क्षमता कितनी है. आपके लिए आसान है इस परेशानी से बाहर निकलना. इन्हें आप अपनी कमजोरियों की तरह ना लें. इसमें जो अवसर छुपी हुई है उसे देखने का प्रयास करें.

प्रतिभा एक लंबा धैर्य है, और मौलिकता इच्छा और गहन अवलोकन का प्रयास है।

ये आपकी लड़ाई है और आप ही इसको अपनी जीत में बदल सकते हैं. यह सोच आप जब तक अपने अंदर नहीं पैदा करेंगे. तब तक जीत बहुत मुश्किल लगेगी और आप इसे अपने हिसाब से सही नहीं कर पाएंगे. इतना ही नहीं, इन वजहों से आप अपना आत्मविश्वास भी खो बैठेंगे।और ऐसा अक्सर देखा गया है कि जिन लोगों में आत्मविश्वास कम होता है वे असफलता और रिजेक्शन से जल्दी उबर भी नहीं पाते।

हमारा जीवन परिवर्तनशील है. जिंदगी में कई बार उतार चढ़ाव आते रहते हैं. हम सभी जिंदगी के किसी न किसी मोड़ पर कॉन्फिडेंस की कमी से जूझते हैं और यह हमें अदंर ही अंदर कमजोर कर देता है। अगर आप खुद पर यकीन नहीं करेंगे तो दूसरे आप पर यकीन करें, ऐसी उम्मीद करना भी बेईमानी होगी। आप पर कोई यकीन करे और आपको अवसर दे इसके लिए भी आपके अंदर उसे आत्मविश्वास दिखना चाहिए.

एक असाधारण व्यक्ति सत्य का अनुसरण करता है, प्रतिभा की सराहना करता है, और ईश्वर की दिशा में चलता है। जो काम आपको पसंद हो वह काम करते रहिए, किसी भी हालात में कोशिश करना मत छोड़िए।

जिंदगी हमारी मर्जी से नहीं चलती है और कुछ चीजों पर हमारा कंट्रोल बिल्कुल नहीं होता है. लेकिन अगर आप सब कुछ परफेक्ट पाना चाहेंगे तो कई मौंको पर निराशा हाथ लगना लाजमी है। यही निराशा धीरे-धीरे आपके आत्मविश्वास को काफी हद तक कमजोर कर देती है। कुछ तरीके हैं जो जीवन में आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं, जैसे नये हालात का सामना करने के लिए खुद को वक्त दीजिए। खुद को अलग-थलग मत करिए। करीबियों और दोस्तों के साथ समय व्यतीत कीजिए ।

जो काम आपको पसंद हो वह काम करते रहिए. अपनी असफलताओं के बारे में उन लोगों से बात करिये जिन पर आप भरोसा करते हैं।

किसी भी हालात में कोशिश करना मत छोड़िए। असफलता जिंदगी का ही एक बेहतर हिस्सा है। जो आपको बताता है कि आप के द्वारा किए गए कार्य में त्रुटि है. नयी-नयी स्ट्रैटिजी को ढूँढ़िये और उसे अपनाने के लिए तैयार रहिये।

खुद को अपनी कोशिशों के आधार पर जांचिए न कि नतीजों के आधार पर । कोशिश करना हमारे हाथ में है और वह हमें पूरी लगन से करनी चाहिए, लेकिन नतीजे हमारी मर्जी से नहीं आते।

खुद से प्यार करना सीखिए,अगर आप खुद से प्यार नहीं करते हैं तो आप किसी और से प्यार नहीं कर सकते हैं.

सोचिए कि अगर आप पढ़ाई में बेहतर होते तो आपको जिंदगी की सारी खुशियां मिल जातीं? या अगर आप ज्यादा खूबसूरत होते तो हर कोई आपसे प्यार करता? तो आपका जवाब होगा नहीं, क्योंकि आपको मालूम है कि यह सम्भव नहीं है, और अगर इसका जवाब ना में है तो फिर आप परफेक्शन के पीछे क्यों भाग रहे हैं? क्योंकि दुनिया का एक बड़ा हिस्सा इसी भीड़ में शामिल है. ज्यादातर परफेक्शनिस्ट सोचते हैं कि या उन्हें सबकुछ चाहिए या कुछ भी नहीं चाहिए। यह स्थिति बहुत खतरनाक होती है। और ऐसा सोच रखने वाले लोग मनोविकारों के शिकार हो जाते हैं. नतीजे चाहे जैसे हों, उन्हें स्वीकार करना और खुद से प्यार करना सीखिए। क्योंकि अगर आप खुद से प्यार नहीं करते हैं तो आप किसी और से प्यार नहीं कर सकते हैं. अपने अंदर के आलोचक से लड़िए। खुद को अपनी अच्छी आदतें और क्वॉलिटीज याद दिलाइए। जो आपको अच्छा लगता है. जिससे आपको अच्छा अनुभव होता है. जैसे कि आपका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा है, आप एक अच्छे दोस्त हैं, आप अच्छा लिखते हैं या आप अच्छा गाते हैं और भी बहुत से हुनर हैं जो आपको दूसरों से अलग बनाता है.

आशावाद वह विश्वास है जो उपलब्धि की ओर ले जाता है। आशा और विश्वास के बिना कुछ भी नहीं किया जा सकता है।

हर इंसान में कुछ न कुछ खास जरूर होता है। ऐसा हो ही नहीं सकता कि आपके भीतर कोई प्रतिभा न छिपी हो। बहुत सी ऐसी बातें हैं, जैसे कोई दिखने में आकर्षक होता है तो किसी के बोलने का सलीका उसे खास बनाता है। कोई कुछ विशेष क्षेत्रों में धनी होता है तो कोई हरफनमौला होता है। कम या ज्यादा, पर हर किसी में कुछ न कुछ खूबी जरूर होती है। आप गौर करें कि आपके भीतर ऐसी कौन सी बातें हैं जो भले ही आपको दूसरों से अलग न करती हों लेकिन एक अच्छा इंसान जरूर बनाती हैं। इससे आपका खुद पर विश्वास बढ़ता है।

अपने कौशल का सम्मान करें, अपनी प्रतिभा का सम्मान करें।

जीवन में आपने जो गलतियां की हैं उनका अनुभव आपके लिए एक सीख होना चाहिए ना कि पछतावा । उनपर पछताने या अपने को कमजोर समझने के बजाय उनसे सबक लें और आगे उनसे बचने या उसे दूर करने का प्रयास करें। अपनी गलती से जो इंसान सबक लेता है ऐसे व्यक्ति का आत्मविश्वास भविष्य की किसी भी परिस्थिति में नहीं डगमगाता है। और ऐसी स्थिति उसे और ताकतवर बनाती है.

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