Amar ujala Publications

Love poetry

अलबेली इश्क़ की फितरत"

इश्क़ वो जिसमें जुनून हो, इश्क़ वो जिसमें कोई रंग न हो, इश्क़ जो नायाब होकर भी एक इश्क़ के एहसास पर फना होने को तैयार हो जाए, इश्क़ वो जिसमें कोई तारीफ -ए- सवाल न हो, हो तो बस एक सुकून हो जिसका कोई रंग न हो |

God

खुदा

ज़िंदगी में हम जब भी तकलीफों के तूफ़ान में घिरे और बहुत परेशान हुए तो हमारे साथ ३ लोग और भी थे जो दुखी हुए, माँ, पिता और तीसरा वो खुदा ॥ और हम ताउम्र सारी शिकायतें सिर्फ ३ लोगों से ही करते रहे माँ, पिता और तीसरा वो खुदा ॥

हर बलिदान हमारा इंक़लाब लाएगा ||

Indian Army Our Heroes, Who Deserve Respect Most This poem is dedicated to our Indian soldiers. A small #Tribute for our Indian Army

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